(रिपोर्ट@ईश्वर शुक्ला)                                         ऋषिकेश/समाचार भास्कर - नरेंद्रनगर वन प्रभाग क्षेत्र अंतर्गत ब्रह्मपुरी में एक आश्रम संचालक ने वन विभाग की भूमि पर कब्जा कर पुश्ता बना दिया। इस संबंध में जब मीडिया ने खबर कर मुद्दे को उठाया तो वन विभाग नींद से जागा। मौका मुआयना करने के बाद पुश्ते को तोड़ दिया। आश्रम संचालक को चेतावनी दी दोबारा से यदि वन विभाग की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की तो उसके खिलाफ वन विभाग तो कार्रवाई करेगा ही साथ में पुलिस ने भी शिकायत देकर मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। वही अपनी भूमि पर कब्जा होने की जानकारी नहीं रखने पर डीएफओ ने दो वन दरोगाओं का कार्यक्षेत्र बदल दिया है। 

ज्ञात हो कि ऋषि मुनियों की तपस्थली कहे जाने वाले ब्रह्मपुरी में आश्रम लगातार वन भूमि पर कब्जा करने में लगा है। गंगा से महज 20 मीटर की दूरी पर पुश्ता लगाकर आश्रम संचालक कब्जा कर रहा है। कुछ महीने पहले भी आश्रम में पुश्ता लगाकर वन भूमि पर कब्जा किया गया था और हरे पेड़ भी काटे थे। दोबारा से वन भूमि पर कब्जा करने के संबंध में मीडिया ने खबर को प्राथमिकता से उठाया। जिसके बाद वन विभाग नींद से जागा। तत्काल एक्शन लेते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने मौका मुआयना किया। इस दौरान वन विभाग की भूमि पर कब्जा होते देख अधिकारियों का पारा चढ़ गया। उन्होंने आश्रम संचालक को खूब खरी-खोटी सुनाते हुए फटकार लगाई। पुश्ते को तोड़ते हुए दोबारा से वन भूमि पर कब्जा नहीं करने की चेतावनी दी। डीएफओ राजीव धीमान ने बताया कि वन विभाग की भूमि पर लगातार कब्जे की शिकायत मिल रही है। इसलिए अपने कर्मचारियों को वन भूमि पर नजर रखने के लिए निर्देशित किया गया है। आश्रम संचालक को भी फटकार लगाई गई है। यदि आश्रम संचालक दोबारा से कब्जा करने की कोशिश करेगा तो वन विभाग तो अपने स्तर से कानूनी कार्रवाई करेगा ही, साथ में पुलिस को भी शिकायत देकर संबंधित के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया जाएगा। बताया जिन वन दरोगा के क्षेत्र में यह आश्रम आता है उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपनी भूमि की निगरानी करते रहे। जिससे कि वन विभाग की भूमि पर कब्जा ना हो। लेकिन वन दरोगा अनुज उपाध्याय और पुष्कर रावत ने ऐसा नहीं किया। इसलिए उन्हें इस कार्य क्षेत्र से हटाकर दूसरे कार्य क्षेत्र में भेज दिया गया है। वन दरोगा विजेंद्र कुमार मैठाणी और देव सिंह को इस क्षेत्र की नई जिम्मेदारी दी गई है। बताया कि वन विभाग की भूमि पर यदि कहीं पर कब्जा होता है तो लोग इसकी शिकायत सीधे उनसे कर सकते हैं। जिससे कि वन विभाग अपनी भूमि को कब्जा मुक्त करा सकें।

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