(रिपोर्ट@ईश्वर शुक्ला)                                ऋषिकेश/समाचार भास्कर - शहर में भू-माफिया और बिल्डरों के हौसले बुलंद दिखाई दे रहे हैं। विस्थापित कॉलोनी के बाद अब भरत विहार में एक विवादित और राजस्व अभिलेखों में डीएम के नाम दर्ज भूमि पर कब्जा कर निर्माण करने का मामला सामने आया है। एमडीडीए ने भूमि पर निर्माणाधीन 7 भवनों को फिलहाल सील कर दिया है। 


       विस्थापित कॉलोनी के बाद अब भू माफियाओं ने खसरा नंबर 279 भरत विहार स्थित एक सरकारी विवादित भूमि पर अवैध निर्माण करना शुरू कर दिया है। मामले की जानकारी प्रशासन के पास पहुंची तो हरकत में आई एसडीएम ने तत्काल जांच करवाई। मालूम पड़ा कि राजस्व अभिलेखों में विवादित भूमि जिलाधिकारी के नाम दर्ज है। जिस पर 7 लोगों के द्वारा अवैध रूप से निर्माण कराया जा रहा है। एमडीडीए के सचिव के निर्देश पर गठित नगर निगम, एमडीडीए और एसडीएम कार्यालय की टीम ने बुधवार को विवादित भूमि का पुलिस के सहयोग से स्थलीय निरीक्षण किया। टीम के निरीक्षण करने के दौरान अवैध निर्माण कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। पूछताछ के दौरान कोई भी भवन निर्माण करने वाला व्यक्ति न तो एमडीडीए से स्वीकृत नक्शे की जानकारी दे पाया न ही भवन निर्माण के लिए एसडीएम कार्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र की जानकारी दे सका। ऐसे में तत्काल कार्रवाई करते हुए टीम ने सातों भवनों को सील कर दिया। मौके पर अधिकारियों ने चेतावनी भी दी यदि सील के साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की गई तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा भी पंजीकृत किया जाएगा। जिनके भवन सील किये गए है उनकी पहचान चिराग अग्रवाल, अनुराधा वाधवा, विकास भारद्वाज, शिव ओम, अजय गुप्ता, रमा शंकर, रेखा गोनियाल के रूप में हुई है। बता दे कि पिछले कई सालों के रिकॉर्ड में पहली बार एक साथ 7 भवनों को सील करने की बड़ी कार्रवाई संयुक्त टीम के द्वारा की गई है। जिससे भू माफियाओं और बिल्डरों में खलबली मच गई है। एसडीएम अपूर्वा पांडेय ने बताया कि सचिव एमडीडीए की ओर से मिले निर्देश के आधार पर गठित नगर निगम एमडीडीए और एसडीएम कार्यालय की टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अवैध भवन निर्माण पर सीलिंग करने की कार्रवाई को अंजाम दिया है।

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