(रिपोर्ट@ईश्वर शुक्ला)                                           ऋषिकेश/समाचार भास्कर - शिवपुरी वन रेंज अंतर्गत चार्ज संभालने के बाद लगातार वन क्षेत्राधिकारी जुगल चौहान एक्शन में दिखाई दे रहे हैं। पहले ही दिन उन्होंने कब्जा करने वालों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी थी। चेतावनी का असर नहीं होते देख वन क्षेत्राधिकारी ने अब खुद की निगरानी में अतिक्रमण हटवाना शुरू कर दिया है।


शुक्रवार को वन क्षेत्राधिकारी जुगल चौहान अपनी पूरी टीम के साथ शिवपुरी रेंज अंतर्गत नीम बीच तपोवन वाले रास्ते पर हुए कब्जे को मुक्त कराने पहुंचे। वन क्षेत्राधिकारी ने मौके पर देखा कि विश्व चेतना मिशन ट्रस्ट आश्रम ने वन भूमि पर अतिक्रमण कर अपना बोर्ड लगाया है। यही नहीं सीमेंटेड पक्का रास्ता भी बनाकर वहां झोपड़ी बना ली है। पूछताछ में कब्जे दार वन क्षेत्राधिकारी के सवालों का उचित जवाब भी नहीं दे सके। जिसके बाद वन क्षेत्राधिकारी ने अतिक्रमण को तोड़ने के निर्देश वन विभाग की टीम को दे दिए। देखते ही देखते कुछ ही देर में वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने की कवायद शुरू कर दी गई। समाचार लिखे जाने तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी थी। वन क्षेत्राधिकारी जुगल चौहान ने बताया कि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त करना ही उनका पहला उद्देश्य है। जिस पर कार्रवाई करने में वह जुट गए हैं। वही कार्रवाई को देख वन भूमि पर काबिज अन्य कब्जादारों में भी खलबली मच गई है। वन क्षेत्राधिकारी ने चेतावनी दी है जल्द से जल्द दो खुद ही आरक्षित वन भूमि को खाली कर दें। अन्यथा अतिक्रमण हटाने पर आने वाला खर्च भी कब्जेदारों से वसूल किया जाएगा।                           वही विश्व चेतना मिशन ट्रस्ट आश्रम के संचालक बाबा का कहना है कि वन विभाग केवल एक तरफा कार्यवाही कर रहा है। आरक्षित वन भूमि पर कई कब्जे हो रखे हैं। सब पर एक समान नीति से कार्रवाई होनी चाहिए।

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