ऋषिकेश/समाचार भास्कर -  ऋषि-मुनियों की तपस्थली तीर्थनगरी ऋषिकेश में ही एक संत खुद के साथ हो रहे अन्याय को लेकर परेशान है। संत प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन इस दिशा में कोई भी कदम संत के मुताबिक उठता नहीं दिखा है। 

     दरअसल, मामला जमीनी विवाद से जुड़ा है। स्वामी प्रकाशानंद महाराज ने मनसा देवी के नजदीक 600 गज का एक भूखंड साल 2016 में खरीदा था। संत का दावा है कि उनके पास इसके पुख्ता दस्तावेज हैं, लेकिन कुछ स्थानीय लोग उनकी जमीन पर हक जता रहे हैं। उन्हें जमीन पर निर्माण नहीं करने दिया जा रहा है। आरोप लगाया कि मामले प्रशासन पर राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है। संत ने इसकी शिकायत एसएसपी और स्थानीय पुलिस से भी की है। प्रकाशानंद ने प्रशासन से उक्त भूमि पर उन्हें शीघ्र कब्जा दिलाए जाने की मांग की है। बताया कि वह उस जमीन पर निराश्रित गोवंश के लिए गौशाला बनाना चाहते हैं। कहना है कि इससे तीर्थक्षेत्र में घूमने वाले निराश्रित पशुओं को भी उम्दा ठिकाना उपलब्ध होगा। पशुओं के चारे-पानी का इंतजाम संत खुद के खर्चे पर करने को हामी भी भर रहे हैं।


कब्जाधारी बोले मालिकाना हक के मौजूद हैं हमारे पास पेपर

जमीनी विवाद में वर्तमान समय में कब्जाधारी नाथीराम तोमर ने बताया कि उन्होंने करीब 40 साल पहले यह जमीन खून पसीने की कमाई से खरीदी थी। जमीन से जुड़े मालिकाना हक के पेपर भी उनके पास मौजूद हैं। आरोप लगाया कि प्रकाशानंद बाबा जमीन हड़पने की नीयत से गलत बयान बाजी कर रहा है। षड्यंत्र के तहत फर्जी पेपर बनाकर शिकायतें भी करने में लगा है। बताया वर्तमान समय में उनकी उम्र 80 साल है। ऐसे में जमीन कब्जाने से संबंधित शिकायतों से वह परेशान हैं। बताया डीएम की जांच में भी बाबा प्रकाशानंद का दूर-दूर तक कुछ नहीं लेने देने की पुष्टि हो गई है। नाथीराम तोमर ने प्रशासन से न्याय की गुहार भी लगाई है।

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