ऋषिकेश/समाचार भास्कर -  शहर में छोटे-छोटे बच्चों का बचपन नशे की लत से बर्बाद हो रहा है। यह किसी और के नहीं बल्कि शहर में मौजूद नशे के सौदागरों की बदौलत मुमकिन बन रहा है। जो तस्वीरें इन दिनों सामने आ रही हैं उनको देखकर कहा जा सकता है कि शहर भी उड़ता पंजाब बनने की राह पर चल रहा है। 



 मनीराम रोड पर ओल्ड सेल टैक्स ऑफिस के पास कचरे के ढेर में जिंदगी तलाशने की कोशिश करते बच्चे अभी आपको दिखाई दे जाए, तो जरा गौर से उन्हें देखिए। बच्चे आपको नशे की हालत में दिखाई देंगे। ऐसे ही एक तस्वीर हमारे कैमरे में कैद हुई है। जिसमें 10 से 12 साल के बीच की उम्र का बच्चा कचरा केवल इसलिए बीन रहा है कि उसे कुछ रुपयों की अर्निंग हो जाए और वह उस रुपयों से अपना भविष्य नहीं बल्कि नशे को खरीद सके। शिवा नाम के इस बच्चे से जब जानकारी लेनी चाही तो उसने बताया कि शहर में मौजूद नशे के सौदागर उसे मादक पदार्थ उपलब्ध करा रहे हैं। जिस उम्र में बच्चों को स्कूल में शिक्षा लेनी चाहिए, उस उम्र में बच्चे नशे की लत में बस रहे हैं। यह चिंता का विषय है। सवाल यह खड़ा होता है कि आखिरकार बच्चों को मादक पदार्थ बेचने वाले शहर में किस प्रकार अपना धंधा चला रहे हैं। यह तस्वीर देखने के बाद कहा जा सकता है कि शहर उड़ता पंजाब की राह पर चल रहा है। वैसे तो शहर में तमाम संस्थाएं ऐसी है जो बच्चों को कचरे के ढेर से उठाकर शिक्षा देने की बात कहती हैं मगर इस तस्वीर को देखने के बाद उन संस्थाओं के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।

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