ऋषिकेश/समाचार भास्कर -  तपोवन स्थित घुघत्याणी मल्ली नदी में एक नहीं दो नहीं बल्कि सैकड़ों अवैध निर्माण किए गए हैं। जिससे नदी का स्वरूप ही बदल गया है। सालों से हो रहे अवैध कब्जे पर शिकायत के बाद पटवारी ने समीर विश्वास पुत्र संतोष विश्वास, होशियार सिंह भंडारी, टाइनी हाउस कैफ़े, तिलेश्वर प्रसाद पुत्र रामप्रसाद, को ही नोटिस जारी किए हैं। मगर इस दौरान सभी लोगों पर कार्रवाई नहीं होने से लोगों ने पटवारी के साथ बदसलूकी कर दी। 

तपोवन क्षेत्र में ज्यादातर भूमि राजस्व विभाग की है। जिस पर शत प्रतिशत लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं। मगर नदी नालों पर भी अवैध कब्जा धारियों ने पूरा डेरा डाला हुआ है। बात करें यदि घुघत्याणी मल्ली
 नदी की तो इसका स्वरूप ही कब्जा धारियों ने बदल दिया है।

वर्तमान समय में नाला तो छोड़िए नाली के रूप में भी नही देखने को नहीं मिल रही है। पिछले एक साल के अंदर नदी में इतने अवैध निर्माण हो गए हैं कि पहचानना मुश्किल है नदी है या आवासीय कॉलोनी। मामले में शिकायत हुई तो पटवारी भी अपनी नौकरी बचाने के लिए मौके पर कार्रवाई करने के लिए पहुंचे। इस दौरान पटवारी ने कुछ लोगों को अवैध कब्जे का नोटिस जारी किया तो कब्जा धारी भड़क गए। पटवारी के साथ बदसलूकी की। सवाल उठाया कि गंगा से लेकर ऊपर गांव तक नदी में सैकड़ो लोगों ने अवैध कब्जा किया है। लेकिन नोटिस केवल चंद लोगों को क्यों दिए जा रहे हैं। ऐसे में पटवारी ने बताया कि अवैध कब्जा करने वालों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी को बारी-बारी से नोटिस दिए जाएंगे। लेकिन देखने वाली बात अब यह होगी कि आखिरकार अवैध कब्जा हटाने के लिए प्रशासन नोटिस तक ही सीमित रहता है या इससे आगे बढ़कर नदी पर हुए अवैध कब्जा मुक्त कर पुराने स्वरूप में लाता है।
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