ऋषिकेश/समाचार भास्कर - मुनी की रेती स्वर्गाश्रम क्षेत्र को जोड़ने वाले जानकीपुल पर अभी भी रंग रोगन का काम चल रहा है। मगर पुल पर काम कर रहे मजदूर बिना सुरक्षा के ही जान जोखिम में डालकर काम करने में लगे हैं। 

      मंगलवार को जानकी पुल पर रंग रोगन के काम में जुटे मजदूरों की एक ऐसी तस्वीर देखने को मिली जिसे देखकर रोंगटे खड़े हो गए। जी हां मुनी की रेती थाना अंतर्गत गूलर में पुल का आधा हिस्सा गिरने के बाद घायल हुए 14 मजदूर अभी घर भी नहीं लौटे हैं कि जानकीपुल पर जान जोखिम में डालते हुए मजदूरों की तस्वीर कैमरे में कैद हो गई है। नजारा इस प्रकार था कि मजदूर के सिर पर ना तो हेलमेट था न ही सुरक्षा के इंतजाम। जिस रस्सी के सहारे अपनी जान जोखिम में डालकर मजदूर पेंट पुताई करने में लगा था। उसे पकड़ने वाले भी अपनी मस्ती में व्यस्त थे। जरा सी  चूक और उस मजदूर की मौत का नजारा, सोचने से ही आत्मा कापती हुई दिखाई दे रही है। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या एक पुल के टूटने से हुए हादसे के बाद सरकार और विभाग दूसरे हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में जब पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरिफ खान से पूछा गया तो उन्होंने मामले को दिखाने की बात कहकर पल्ला झाड़ दिया। वहीं पुल का लोकार्पण करने के रूप में मुख्य भूमिका निभा रहे नरेंद्र नगर के विधायक और कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया जा रहा है। यदि ऐसा है तो तत्काल विभाग के अधिकारियों को इस मामले में निर्देशित किया जाएगा। अब देखना है कि आखिरकार मंत्री जी के निर्देश अधिकारियों पर कितने काम करते हैं और कब तक मजदूर सुरक्षित तरीके से काम करते हुए पुल पर दिखाई देते हैं।





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