ऋषिकेश/समाचार भास्कर - मुनी की रेती के 14 बीघा क्षेत्र में निर्माणाधीन एक बिल्डिंग को जिला विकास प्राधिकरण की टीम ने सील कर दिया है। आरोप है कि बिल्डिंग के मालिक ने प्राधिकरण से नक्शा पास नहीं कराया है। वहीं बिल्डिंग के मालिक ने प्राधिकरण पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है।


 बुधवार को जिला विकास प्राधिकरण की टीम पुलिस के साथ मुनी की रेती के 14 बीघा क्षेत्र के वार्ड नंबर 7 में पहुंची। यहां एक निर्माणाधीन बिल्डिंग को सील करने की कार्रवाई जैसे ही शुरू की, बिल्डिंग मालिक ने विरोध करना शुरू कर दिया। बिल्डिंग मालिक ने आरोप लगाया कि शीशमझाड़ी क्षेत्र में एक बहू मंजिल इमारत स्वामी नारायण आश्रम के द्वारा बनाई जा रही है और कहा कि एक दिन पूर्व शाम को 7 बजेेे नोटिस दिया और किसी सूचना के बगैैर ही आज सील कर दिया । प्राधिकरण उस पर तो कार्रवाई नहीं कर रहा बल्कि छोटे लोगों को प्राधिकरण के द्वारा परेशान किया जा रहा है। मौके पर बिल्डिंग के अंदर रहने वाले एक परिवार को भी बाहर निकाला गया। जिसके बाद प्राधिकरण ने बिल्डिंग को सील कर दिया। प्राधिकरण के अधीक्षण अभियंता सर्वेश मित्तल ने बताया कि बिल्डिंग के मालिक महेश चमोली को पहले भी कई बार निर्माण रोकने के लिए नोटिस जारी किए गए। मगर कोई जवाब नहीं दिया गया। सुनवाई का मौका भी दिया। बताया प्राधिकरण के सचिव के आदेश पर बिल्डिंग को सील कर दिया गया है। बिल्डिंग की छत पर लगा एक मोबाइल टावर भी सील किया गया है। बताया स्वामीनारायण आश्रम की बिल्डिंग के मामले में अभी सुनवाई चल रही है। जैसे ही सुनवाई खत्म होगी। सचिव के आदेश मिलेंगे उसके बाद अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मौके पर तहसीलदार अयोध्या प्रसाद उनियाल पटवारी पवन कुमार जेई रणवीर चौधरी पुलिस प्रशासन से एएसआई शांति प्रसाद डिमरी उपस्थित रहे। 

प्राधिकरण के कर्मचारी द्वारा गाली देने पर हुआ विवाद।

बिल्डिंग सील करने के दौरान प्राधिकरण के एक कर्मचारी ने बिल्डिंग के अंदर रहने वाले लोगों को जगह खाली करने के लिए गाली का प्रयोग कर दिया। जिस पर लोगों ने हंगामा कर दिया। आरोप लगाया कि बेवजह कर्मचारी गाली गलौज कर रहे हैं। किसी तरह पुलिस ने बीच-बचाव कर मामले को शांत किया।




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