ऋषिकेश/समाचार भास्कर - गंगा से 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लगा हुआ है। बावजूद इसके मुनी की रेती क्षेत्र में नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। खारास्रोत के पास एक भूमाफिया ने सांठगांठ करके अवैध निर्माण खड़ा कर दिया है। जिसमें एक तथाकथित पत्रकार की भूमिका भी संलिप्त है।

       ज्ञात हो कि एनजीटी ने गंगा की स्वच्छता को बरकरार रखने के लिए 200 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। बावजूद इसके मुनिकीरेती क्षेत्र स्थित खारा स्त्रोत पुल के पास एक अवैध निर्माण भू माफिया के द्वारा किया जा रहा है। जिस पर अधिकारी भी अपनी आंखें बंद करके बैठे हुए हैं। खास बात यह है कि इस निर्माण को एक तथाकथित पत्रकार ने अपना संरक्षण दिया है। क्षेत्र में चर्चा है कि तथाकथित पत्रकार अधिकारियों पर कार्रवाई न करने को लेकर दबाव बनाया है। फिलहाल अवैध निर्माण को ढकने के लिए भी त्रिपाल निर्माण के ऊपर बिछाई गई है। तथाकथित पत्रकार ने छुट्टी का फायदा उठाकर रातों-रात निर्माण पर लिंटर भी डलवा दिया है। ऐसा नहीं है कि यह क्षेत्र का पहला मामला है और कई स्थानों पर भी अवैध निर्माण का कार्य चल रहा है। जिस पर अधिकारी कार्रवाई करने से बचते नजर आ रहे हैं। इस प्रकार के अवैध निर्माणों को देखने के बाद स्थानीय लोगों में भी विभाग के खिलाफ आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गरीब आदमी यदि अपना पुराना मकान तोड़ कर भी दोबारा बनाता है तो उस पर अधिकारी अपनी गिद्ध दृष्टि गड़ाकर कार्रवाई करने के लिए तैयार खड़े रहते हैं। मगर रसूख और तथाकथित पत्रकारों के दबाव में अधिकारी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई नहीं करते। जिससे राज्य में जीरो टॉयरलेस की बात करने वाली त्रिवेंद्र सरकार पर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसका जवाब देने वाला कोई नहीं है। मामले में एमडीडीए के सचिव सुंदरलाल सेमवाल का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है टीम भेजकर जल्द कार्रवाई की जाएगी ।

 







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