ऋषिकेश/समाचार भास्कर - Daughter's Day 2020 : इस साल 27 सितंबर को भारत में बेटी दिवस यानी Daughter's Day मनाया जा रहा है। इस दिन को आप बेटी दिवस कहें या फिर डॉटर्स डे, यह दिन बेटियों के लिए खास होता है। इस दिन मां-बाप अपनी बेटियों को गिफ्ट्स देते हैं और पूरा दिन उनके लिए खास बनाते हैं। बेटियों को समर्पित इस खास दिन को अलग-अलग देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। Daughter's Day को खासकर सितंबर महीने के चौथे रविवार को मनाया जाता है, जो कि इस बार 27 सिंतबर को है। वहीं, विश्व बेटी दिवस, 28 सितंबर को मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है बेटी दिवस ।

बेटियों के लिए खास प्यार जताने के लिए डॉटर्स डे मनाया जाता है। सिर्फ बेटियों के लिए ही नहीं, बेटा (Son's Day, 11 August), मां (Mother's Day, 10 May), पिता (Father's Day, 21 June) और यहां तक की दादा-दादी (Grandparent's Day) के लिए भी साल में एक खास दिन रखा गया है।

भारत में क्यों मनाते हैं बेटी दिवस ।

हालांकि, भारत में बेटी दिवस मनाने की एक खास वजह बेटियों के प्रति लोगों को जागरुक करना। इस दिन बेटी को न पढ़ाना, उन्हें जन्म से पहले मारना, घरेलू हिंसा, दहेज और दुष्कर्म से बेटियों को बचाने के लिए भारतीयों को जागरुक करना है। उन्हें यह समझाना कि बेटियां बोझ नहीं होती, बल्कि आपके घर का एक अहम हिस्सा होती हैं। 

कैसे मनाएं बेटी दिवस ।

आम दिनों में आप बेटियों के लिए इस दिन को खास बनाने के लिए उन्हें बाहर ले जा सकते थे, लेकिन कोरोना वायरस के इस दौर में आप उनको बाहर न सही, लेकिन तोहफा ज़रूर खरीद सकते हैं। पूरा परिवार साथ बैठकर नेटफ्लिक्स या एमज़ॉन पर फिल्में देख सकते हैं। यहां तक कि बाहर से खाना भी मंगवा सकते हैं। बेटियों की किसी खास इच्छा को पूरा कर सकते हैं। इस दिन सबसे ज़रूरी ये है कि उन्हें महसूस कराएं कि वे आपके लिए कितनी स्पेशल हैं।

क्या कहते हैं नेत्र चिकित्सक डॉ. राजे नेगी ।

नगर के नेत्र चिकित्सक एवं समाजसेवी डॉ. राजे सिंह नेगी के अनुसार एक समय था जब देश में बेटियों को गर्भ के भीतर ही मार दिया जाता था। नारी को लक्ष्मी मानने वाला ये समाज घर में बेटी के जन्म को अशुभ मानता था। मगर हालात बदले और पुरूष प्रधान देश में महिलाओं को भी समानता का दर्जा दिया जाने लगा। घर में ​बेटियों को बेटों के समान माना जाने लगा है,जोकि एक बेहतर संकेत है।उन्होने बताया उनकी दोनों बेटियां उनके लिए बेहद खास हैं। इस दिन को वे अपनी बेटियों के लिए बेहद खास तरीके से सेलिब्रेट करते हैं। उन्होंने कहा बेटों और बेटियों में फर्क समझने वाले अभिभावकों को समझना होगा कि बेटियां अनमोल हैं।लक्ष्मी का वरदान होती है बेटियां ,जिन घरों में बेटियों की कदर नहीं होती उन घरों में कभी खुशियों नहीं रहती।

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