ऋषिकेश/समाचार भास्कर - भूखो के लिए भोजन और बीमारों के लिए इलाज की बेहतर और निशुल्क व्यवस्था करने वाले निर्मल आश्रम की एक नई तस्वीर सामने आई है।
 
          
जी हां निर्मल आश्रम का ऋषिकेश में जहां अटूट लंगर चलाने वाला आश्रम और बीमारों के लिए अस्पताल है। वहीं हरियाणा के करनाल में एक अनाथ आश्रम भी है। जिसके बारे में लोग बहुत कम जानते हैं। अनाथ आश्रम में क्षेत्र के अनाथ बच्चों का भरण पोषण बेहद सुंदर तरीके से किया जाता है। यही नहीं उनकी शिक्षा पर भी माता-पिता बनकर पूरा ध्यान आश्रम के प्रबंधक देते हैं। खास बात यह है कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उनकी शादी तक करने की जिम्मेदारी आश्रम के संचालक उठाते हैं। इसका नजारा उस समय देखने को मिला जब ऋषिकेश के निर्मल आश्रम में एक अनाथ बेटी का विवाह और कन्यादान आश्रम के महंत राम सिंह महाराज और संत जोध सिंह महाराज ने अपने हाथों से किया। मौके पर महाराज जी ने बताया कि करनाल में वर्तमान समय के अंदर अनाथ आश्रम में 50 से 55 बालिकाओं का भरण पोषण किया जा रहा है। जो अपनी अपनी उम्र के हिसाब से शिक्षा भी ग्रहण कर रही हैं। बताया कि समय अनुसार सभी बालिकाओं का विवाह भी सुंदर और सुशील लड़के से करा दिया जाता है। यही नहीं शादी के बाद भी बालिकाओं से माता-पिता का रिश्ता आश्रम के प्रबंधक निभाते हैं। आज जिससे बेटी का विवाह सहारनपुर निवासी युवक से किया गया है वह बेटी भी करनाल के अनाथ आश्रम में पली-बढ़ी और शिक्षा ग्रहण कर चुकी है। शादी में सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए जहां रीति रिवाज के साथ बेटी को विदा किया गया। वहीं उसे घर गृहस्ती का सारा सामान भी आश्रम की ओर से बतौर आशीर्वाद के रूप में उपलब्ध कराया गया। यह जानकारी जिन जिन लोगों को धीरे-धीरे पता चल रही है। वह आश्रम संचालकों के गुणगान गाते थकते दिखाई नहीं दे रहे हैं। संस्थान द्वारा विभिन्न क्षेत्र में किए जा रहे सराहनीय कार्यों की पाठकों को समय-समय पर जानकारी उपलब्ध करा करेंगे ।
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