ऋषिकेश/समाचार भास्कर - कोरोना काल के दौरान ऋषिकेश तहसील में तैनात पटवारी सतीश चंद जोशी लोगों के लिए एक मिसाल बन गए हैं। इन तीन महीनों में उन्होंने जिस शिद्दत के साथ अपनी ड्यूटी को ईमानदारी से निभाया है वह तारीफ के काबिल है। खास बात यह है कि अपने सरहानीय काम को सार्वजनिक करने के लिए भी सतीश जोशी कभी मीडिया के सामने नहीं आए। उनका साफ कहना है कि नाम नहीं काम करके दिखाना है। ऐसे कोरोना योद्धा को हमारी टीम को सलाम।
         आज हम जिस अधिकारी के बारे में आपको जानकारी देने जा रहे हैं। वह अधिकारी अब तक सैकड़ों लोगों की पर्सनल मदद कर लोगों का दिल जीत चुका है। जी हां ऐसे अधिकारी का नाम है तहसील में तैनात पटवारी सतीश चंद जोशी। उन्होंने कोरोना काल के दौरान जहां तहसीलदार रेखा आर्य के साथ मिलकर वापस लौट रहे प्रवासियों को घर भेजने में अपनी पूरी जान लगा दी। वहीं उन्होंने अपने स्तर से भी जरूरतमंदों की मदद में कोई कमी नहीं छोड़ी। सरकारी राशन का वितरण हो या फिर सड़क किनारे जीवन यापन करने वालों को पका हुआ भोजन देना या फिर बगड़ियों को लकड़ियां उपलब्ध कराना किसी भी कार्य मे वह पीछे नही हटे। उन्होंने अपनी सेवाओं को देकर लोगों का दिल जीता हुआ है वर्तमान समय में भी वह लगातार अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लोगों की मदद करने में जुटे हुए हैं। बकौल सतीश जोशी जब वैश्विक महामारी शुरू हुई तो परिवार वालों ने विरोध किया। नौकरी छोड़कर घर पर बैठने तक की बात भी कह दी। मगर फर्ज के आगे मैंने किसी की नहीं सुनी और ड्यूटी पर डटा रहा। आज मुझे सुकून है कि मैं नदी देश सेवा में अपना अहम योगदान दिया है। ऐसे कोरोना योद्धा को हमारी टीम का सलाम।
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