ऋषिकेश/समाचार भास्कर - वैश्विक महामारी के दौरान ऋषिकेश कोतवाली में तैनात कॉन्स्टेबल कमल जोशी अपने फर्ज के आगे रिश्तो को भी भूल चुके हैं। 3 महीने में वह एक भी बार रुड़की स्थित अपने घर परिजनों से मिलने नहीं गए। यहां तक कि उनकी बेटी भी इन दिनों नाराज है। कमल का कहना है कि वर्दी पहनते समय देश सेवा की कसम खाई थी। जिसे पूरा करने के लिए रिश्तो को आड़े नहीं आने दिया जा सकता। क्योंकि दिल है हिंदुस्तानी।
       कोरोना की जंग में खाकी वर्दी पहने योद्धा कमल जोशी ऋषिकेश कोतवाली में तैनात हैं। शहर में साइबरक्राइम हो या राशन वितरण का कार्यक्रम कमल जोशी सतर्कता से अपनी ड्यूटी करने में लगे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कोतवाली में भी यदि कोई दुखियारा पहुंच जाता है तो उसकी मदद करने से भी कमल पीछे नहीं हटते। कोरोना काल की यदि बात करें तो कमल पिछले 3 महीनों से ड्यूटी के दौरान अपने रुड़की स्थित घर भी परिजनों से मिलने नहीं गए हैं। कमल की एक 12 साल की बेटी सिद्धि है। जो इन दिनों पापा के घर नहीं आने से नाराज हैं। कमल का कहना है कि वर्दी पहनते समय उन्होंने देश सेवा की कसम खाई थी। जिसके आगे रिश्तो को अहमियत देना संभव नहीं है। इस वैश्विक महामारी के दौरान जो जिम्मेदारी खाकी के ऊपर है। उसे निभाना सबसे पहला दायित्व है। कमल जोशी के इस जज्बे को हमारी टीम की और से सलाम।
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