ऋषिकेश/समाचार भास्कर - कोरोना की जंग में लगातार तीन महीने से ड्यूटी दे रहे सब इंस्पेक्टर विकेंद्र कुमार देश सेवा में अपनी जान कुर्बान करने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। उनका साफ कहना है कि पारिवारिक रिश्तो से पहले देश सेवा महत्वपूर्ण है। जिसकी सेवा करने की कसम उन्होंने वर्दी पहनते समय खाई थी।
       कोरोना महामारी से लोगों को बचाने के लिए पुलिस इन दिनों लगातार जी जान से पूरे भारत में जुटी हुई है। वही बात करें मुनी की रेती में कैलाश गेट चौकी पर तैनात प्रभारी विकेंद्र कुमार की तो वह पिछले 3 महीनों से अपने घर नहीं गए हैं। यहां तक कि बच्चों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने का समय अभी उनको नहीं लग रहा है। बकौल विकेंद्र कुमार का कहना है कि इस महामारी से निपटने के लिए पुलिस चुनौतियों से जूझ रही है। ऐसे में दिन और रात कब गुजर जाता है पता ही नहीं चल रहा। जिस समय आराम का थोड़ा बहुत समय मिलता है। उस समय परिवार के सदस्य रात के समय सोए हुए होते हैं। ऐसे में वीडियो कॉलिंग पर उनको डिस्टर्ब करना ठीक नहीं है। इसके अलावा उन्होंने इस 3 महीनों में परिवार से मिलने की इच्छा भी कभी वरिष्ठ अधिकारियों के सामने जाहिर नहीं की। क्योंकि जिस फ्रंट लाइन पर रहकर पुलिस लोगों की सेवा में जुटी है। वह सेवा पारिवारिक सेवा से बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। इसलिए वह लगातार दिन-रात ड्यूटी कर लोगों को इस वैश्विक महामारी से बचाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। खास बात यह है कि विकेंद्र कुमार जहां जरूरत पड़ने पर लोगों को राशन उपलब्ध करा रहे हैं वहीं बीमार लोगों को दवाइयां भी पहुंचा कर अपना फर्ज ईमानदारी से करने में जुटे हुए हैं। उनका साफ कहना है कि वैश्विक महामारी को वतन से खत्म करने के लिए यदि उनकी जान भी चली जाए तो उन्हें गर्व होगा।
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