ऋषिकेश/समाचार भास्कर - निर्मल आश्रम में कार्यरत एक सेवादार ने इमानदारी की मिसाल लॉक डाउन के बीच पेश की है। एक मॉल के बाहर सड़क पर गिरे मिले ₹50000 बैंक के माध्यम से सेवादार ने स्वामी को वापस पहुंचा दिए। रकम मिलने पर स्वामी ने निर्मल आश्रम पहुंचकर सेवादार को सम्मानित किया।
       दरअसल निर्मल आश्रम में कार्यरत सेवादार कुंदन को एक मॉल के बाहर ₹50000 गिरे हुए मिले। इतनी बड़ी रकम देख पहले तो कुंदन सकते में आ गया। फिर सोच विचार कर उन्होंने पास में ही स्थित एक प्राइवेट बैंक से संपर्क किया। जहां से जानकारी हासिल हुई कि कुछ देर पहले ही वन विभाग में कार्यरत विजेंद्र पांडे ने बैंक से रकम निकाली थी। रकम गिरने वह ढूंढते हुए बैंक पहुंचे थे। जिसके बाद बैंक के माध्यम से सेवादार ने रकम स्वामी को लौटा दी। रकम मिलने पर मंगलवार की सुबह विजेंद्र पांडे निर्मल आश्रम पहुंचे। यहां उन्होंने सेवादार की ईमानदारी को लेकर जमकर सराहना की। प्रशंसा करते हुए कहा कि लॉक डाउन के दौरान इस प्रकार की इमानदारी देखना बहुत मुश्किल था। उनकी रकम मिलने से जहां वह खुश हैं। वहीं उनकी ईमानदारी के कायल भी हो गए हैं। उन्होंने सेवादार को गिफ्ट देकर सम्मानित किया। आश्रम के बाबा संत जोध सिंह महाराज ने भी सेवादार की इमानदारी को देखते हुए पीठ थपथपाई है।
Share To:

Post A Comment: