ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - कोरोना महामारी के बीच ऋषिकेश उत्तराखंड धाम के सदस्य और आचार्य नवीन नौटियाल ने एक कविता लिखी है। जो सोशल मीडिया पर जमकर शेयर हो रही है। लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं। समाचार भास्कर के पाठकों के लिए स्पेशल रूप से कविता पेश की जा रही है। यदि पसंद आए तो आप भी इसे शेयर करिए। 

दुनिया में हाहाकार मच गया, जब कोरोना ने दी दस्तक बड़े-बड़े लाचार बन गये, होना पड़ा नतमस्तक  घर बैठना काम बन गया, एक दूजे से दूरी हो गयी, रक्षक हाथ धोना मुंह ढकना रीत हो गई ,पानी गर्म काढा पोषक ।।                   दुनिया में हाहाकार के दस्तक..............दी दस्तक          

खांसना छींकना गुनाह हो गया, बुखार बन गया सबसे  मुश्किल ,ये रोग बताना उपकार बन गया, जो भाग रहे वो बुजदिल, गले लगाना हाथ मिलाना भूत हुआ, जोड़े के हाथ सबसे मिल ऑफिस मंदिर देखें अरसा बीता ,रोज भर रहा घर के बिल,।।

दुनिया में हाहाकार..........…..... दी दस्तक

धंधा पानी चौपट हो गया ,हुआ अर्थव्यवस्था का रोना ,गरीब जनों की रोटी मुश्किल, तंत्र सरकारी लगता है बोना, धैर्य धार संयम बरतो ,रोज अनुशासन से रहना, बात वैद्यराज की माने हम ,एक दिन जीत जाएंगे कोरोना।।
               दुनिया में हाहाकार,................. दी दस्तक
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