ऋषिकेश/ समाचार भास्कर -  कोर्ट के आदेश पर ऋषिकेश में प्रशासन की जेसीबी भगवान का घर कहे जाने वाले मंदिरों पर गरजी। इस दौरान तीन मंदिरों को स्थानीय जनता के विरोध के बावजूद ध्वस्त कर दिया गया।
         सोमवार को प्रशासन की टीम कोर्ट के आदेश पर सड़क पर मार्ग अवरुद्ध करने वाले मंदिरों के खिलाफ सड़क पर उतरी। सर्वप्रथम नगर निगम के बाहर शीतला माता का मंदिर को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान चालक ने मंदिर को देख जेसीबी चलाने से इंकार कर दिया। जिसके बाद नगर निगम की जेसीबी को मौके पर बुलाकर मंदिर को ध्वस्त किया गया। जिसके बाद टैक्सी यूनियन के बगल में शिव मंदिर को तोड़ने के लिए टीम जैसे ही पहुंची चालकों ने विरोध जताया। इस दौरान प्रशासन की टीम की चालकों के साथ बहस भी हुई। मगर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी को देखते हुए कुछ ही देर में बहस खत्म हो गई और जेसीबी ने देखते ही देखते मंदिर को तोड़ गिरा दिया। कुछ ही देर बाद पंजाब सिंध क्षेत्र स्कूल की बगल में बने पुराने हनुमान मंदिर को भी तोड़ने के लिए जेसीबी पहुंची। इस दौरान मंदिर के पुजारी धरने पर बैठ गए। काफी देर तक समझाने के बाद उनको मनाया गया। मगर आंखों के सामने मंदिर को टूटता देख उनका स्वास्थ्य अचानक खराब होने लगा। जिसके बाद प्रशासन के हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन में पुजारी को ऑटो में बैठाकर अस्पताल भेजा गया। जिसके बाद मंदिर को ध्वस्त करने की कार्रवाई पूरी की गई। एसडीएम प्रेम लाल ने बताया कि अभी भैरव मंदिर सहित तीन मंदिर और तोड़े जाने हैं। कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है। मौके पर नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह तहसीलदार रेखा आर्य श्री वीरेंद्र सिंह रावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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