ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट की जागरूकता से प्रेरित होकर दो परिवारों ने अपने यहां मरने वाले लोगों की आंखें दान दी हैं। परिजनों की इस पहल से अब चार नेत्रहीन संसार को आसानी से देख सकेंगे।
       यह जानकारी देते हुए निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट के प्रतिष श्रीवास्तव ने बताया कि नजीबाबाद निवासी 85 वर्षीय चुनिया सहगल का अचानक निधन हो गया। जबकि 60 वर्षीय कोटद्वार निवासी वीना भाटिया का भी निधन हो गया। दोनों ही परिवारों के परिजनों ने आश्रम के जन जागरूकता अभियान से प्रेरणा ली और मृतकों की आंखें दान करने का निर्णय लिया। इसकी सूचना अस्पताल को भेजी गई। जिसके बाद अस्पताल से डॉक्टरों की टीम परिजनों के घर पहुंची। जहां डॉक्टरों ने मृतकों की आंखों से कर्निया सुरक्षित प्राप्त कर ली। बताया जांच में मृतकों की आंखों से मिली चारों कर्निया स्वस्थ मिली है। जल्दी ही यह नेत्रहीन लोगों को लगा दी जाएंगी। जिससे चार नेत्रहीन इस दुनिया को देख सकेंगे। बताया नेत्रदान कराने पर आश्रम परिजनों को जल्द ही प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी करेगा। उन्होंने प्रदान कराने पर परिजनों का आभार भी व्यक्त किया है।
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