ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - उत्तराखंड के गढ़वाल जोन में शराब की अवैध तस्करी लगातार हो रही है। उत्तराखंड में पकड़े जाने वाले शराब तस्कर खुद अपनी जुबान से शराब तस्करी का जुर्म कबूल कर चुके हैं। जिससे साबित होता है कि शराब की अवैध तस्करी दूसरे राज्यों से लगातार की जा रही है। सवाल यह है कि आखिरकार पुलिस की सख्ती के बावजूद शराब तस्करों के हौसले बुलंद क्यों है ?
       उत्तराखंड में शराब के अवैध तस्करी रोकने के लिए सरकार ने आबकारी विभाग का गठन किया है। जो शराब की बिक्री कराने में व्यस्त है। वहीं पुलिस लगातार चेकिंग अभियान चलाकर शराब तस्करों को गिरफ्तार करने में लगी है। इसी के साथ तस्करी कर लाई जाने वाली शराब की खेप भी पकड़ रही है। बावजूद इसके शराब तस्करों के हौसले बुलंद हैं। तस्करों पर दर्जनों मुकदमे भी दर्ज हैं। फिर भी वह अपने गैरकानूनी धंधों को करने से बाज नहीं आ रहे हैं। इस संबंध में जब कानूनी सलाहकार रुद्राक्ष एस शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि शराब तस्करी के मामले में पकड़े जाने वाले तस्करों पर धारा 60 लगाई जाती है। यह एक बेलेबल धारा है। जिसमें तस्करों को आसानी से जमानत मिल जाती है। जिसकी वजह से वह छूट जाते हैं और दोबारा से तस्करी के धंधे में लिप्त हो जाते हैं। जिसकी वजह से पुलिस की मेहनत पर भी पानी फिर रहा है। बताया कि यदि शराब तस्करों पर सरकार नया कानून बनाते हुए इस धारा को non-bailable कर दे तो तस्करों के हौसले पस्त हो जाएंगे।
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