ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - पौराणिक मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन ही आद्य गुरु शंकराचार्य ने मायाकुंड गंगा में रखी गई भगवान की मूर्ति को श्री भरत मंदिर में पुनस्र्थापित किया था। तभी से बसंत पंचमी पर उनकी डोली यात्रा निकालने की परंपरा रही है। झंडा चौक स्थित श्री भरत मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के पश्चात भगवान भरत जी की डोली निकाली गई। 
इस दौरान जगह-जगह भक्तों ने डोली का फूल मालाओं से स्वागत कर शहर के लिए खुशहाली की कामना भी की। खास बात यह है कि सुभाष चौक पर निर्मल आश्रम के द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।
        बुधवार को बसंत पंचमी के अवसर पर श्री भरत भगवान की डोली मंदिर से नगर भ्रमण के लिए निकाली गई। डोली क्षेत्र रोड मुख्य बाजार घाट रोड मुखर्जी चौक अन्य मार्गों से होते हुए वापस मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई। इस दौरान हजारों भक्तों ने पुष्प वर्षा कर भगवान भरत का स्वागत किया। जगह-जगह श्रद्धालुओं ने प्रसाद भी वितरित किया। खास बात यह रही कि सुभाष चौक पर निर्मल आश्रम के द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना। आश्रम के सदस्यों ने जहां सड़कों को सुंदरता से सजाया था, वही अलग-अलग पकवान भी प्रसाद के रूप में यात्रा में शामिल भक्तों को वितरित किए थे। वही विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल व  महापौर अनीता ममगाई सहित शहर के गणमान्य लोगों ने भी डोली यात्रा में हिस्सा लेकर पुण्य लाभ कमाया। त्रिवेणी घाट पर डोली यात्रा को गंगा स्नान भी कराया गया। इस दौरान पूरा घाट परिसर भगवान भरत के जयकारों से गुंजायमान हो गया। भक्तों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर जीवन रंगीन होने की प्रार्थना भी भगवान भरत जी महाराज से की। विभिन्न स्कूली बच्चों ने भी शोभायात्रा में हिस्सा लिया। डोली यात्रा में हर्षवर्धन शर्मा, महापौर अनिता ममगाई, पूर्व पालिकाध्यक्ष दीप शर्मा,  जयेंद्र रमोला, वचन पोखरियाल ,डी बी एस रावत,गोविंद सिंह रावत,विनय उनियाल, धीरेंद्र जोशी, रवि शास्त्री, कुलदीप सिंह, आत्म प्रकाश आत्मप्रकाश कोच्चर, बलविंदर सिंह, अशोक जोशी, हरमन प्रीत सिंह, दिनेश कुमार शर्मा, अनिल किंगर, प्रदीप बक्शी, मनजीत सिंह, के एल नागपाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्वालु सम्मिलित हुए।


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