ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - मनीराम रोड ऋषिकेश निवासी इंद्र मोहन अरोड़ा 64 का अचानक निधन हो गया। जिसके बाद  उनके भाई सुधीर कुमार अरोड़ा व उनका बेटा सौरव कुमार ने नेत्रदान महादान के अभियान से प्रेरित होकर उनका नेत्रदान कराया। अब  इंद्र मोहन अरोड़ा की आंखों से दो लोग दुनिया के सुंदर नजारे आसानी से देख सकेंगे। 
यह जानकारी देते हुए निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट के प्रबंधक आत्म प्रकाश कोच्चर बाऊजी ने बताया कि मनीराम रोड़ ऋषिकेश निवासी इंद्रमोहन अरोड़ा 64 की मृत्यु होने पर नेत्रदान महादान जन जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर नेत्रदान करने का संकल्प लिया जिसके बाद परिजनों ने नेत्रदान करने का निर्णय लिया जिस पर निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट डॉक्टरों की टीम में शामिल डॉ. अमृता एवं श्री मकरेंदु उनके निवास स्थान पर पहुंचे जिसके बाद डॉक्टरों ने मृतक की आंखों से कर्निया सुरक्षित प्राप्त कर ली। संस्थान के प्रबंधक आत्म प्रकाश कोच्चर बाऊजी नेेेे जानकारी देते हुए  बताया कि संस्थान के द्वारा लगातार चलाए जाा रहे नेत्रदान जन जागरूकता अभियान से लोग प्रेरित हो रहेे हैं प्रेरित होकर लोग अपने मृत परिजनों का नेत्रदान करा कर महा पुण्य के भागीदारी बन रहे साथ ही संस्थान के द्वारा लोगों को जीते जी  रक्तदान मरने के बाद नेत्रदान करने का संकल्प दिलाई जा रही है । इंद्र मोहन अरोड़ा की आंखों से भी दो लोग संसार के सुंदर नजारे देखेंगे। उन्होंने  है। इस मोके पर सतीश सदाना, मोनू खोसला, महेश चितकारिया आदि मौजूद रहे ।
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