ऋषिकेश/समाचार भास्कर - निर्मल आश्रम अस्पताल और निर्मल आई इंस्टिट्यूट का नेत्रदान के प्रति चलाया जा रहा जन जागरूकता अभियान अब असर दिखाने लगा है। लोग जागरूक होते हुए परिवार में मरने वालों की आंखें दान देने के लिए आगे आने लगे हैं।
        अब तक दर्जनों लोग नेत्रदान करा कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। इसी कड़ी में 83 वर्षीय बिजनौर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता किशन सिंह के निधन के बाद उनके बेटे चंद्र सिंह चौधरी ने उनकी आंखें निर्मल आई इंस्टिट्यूट को दान कर आई हैं। उनके इस पुण्य कार्य कदम पर क्षेत्रवासियों ने गर्व करने की बात कही है। इंस्टीट्यूट के प्रबंधक बाबा प्रकाश ने बताया कि किशन सिंह के देहांत होने के बाद इंस्टीट्यूट की टीम को विकास अग्रवाल ने सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने मृतक की आंखों से कर्निया सुरक्षित निकाल ली। बताया अब किशन सिंह की आंखों से दो जिंदगियां इस दुनिया के हसीन नजारे देखेंगी। टीम में डॉक्टर प्रणय अभिनव शामिल रहे। बाबा प्रकाश ने लोगों से नेत्रदान कराने के लिए फिर से एक बार आगे आने की अपील की है।
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