ऋषिकेश/ समाचार भास्कर - ऋषिकेश स्थित जीवनी माई मार्ग निवासी 95 वर्षीय राम दुलारी का निधन हो गया। जिसके बाद उनके बेटे नटवर ने अपनी माता की आंखें निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट को दान कर दी। अब रामदुलारी की आंखों से दो जिंदगियां रोशन होगी।
        सोमवार की सुबह रामदुलारी जिनकी उम्र 95 वर्ष है का अचानक निधन हो गया। जिसके बाद उनके बेटे ने निर्मल आश्रम आई इंस्टिट्यूट के द्वारा चलाए जा रहे नेत्रदान जन जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर अपनी माता की आंखें दान करने का निर्णय लिया। मौके पर इंस्टिट्यूट की टीम को सूचना देकर मौके पर बुलाया और अपनी माता की आंखें दान कराई। इंस्टीट्यूट के प्रबंधक बाबा आत्मप्रकाश कोच्चर बाऊजी ने बताया कि डॉक्टर की टीम ने मृतक की आंखों से कर्निया सुरक्षित प्राप्त कर ली। बताता अब दो जिंदगियां इस दुनिया के हसीन नजारे आसानी से देख सकेंगी। उन्होंने और लोगों से भी जागरूक होकर मरणोपरांत आंखें दान करने की अपील की है।






Share To:

Post A Comment: