ऋषिकेश/समाचार भास्कर - निर्मल आई इंस्टिट्यूट का नेत्रदान के प्रति चलाया जा रहा जन जागरूकता अभियान का असर अब लोगों में  दिखाने लगा है। लोग जागरूक होते हुए परिवार में मरने वालों की आंखें दान देने के लिए आगे आने लगे हैं। 
    अब तक दर्जनों लोग नेत्रदान करा कर पुण्य लाभ कमा चुके हैं। इसी कड़ी में  सोमवार को 85 वर्षीय 27 जीवनी माई रोड ऋषिकेश निवासी के निधन के बाद उनके बेटे नरेश कुमार ने उनकी आंखें निर्मल आई इंस्टिट्यूट को दान कर आई हैं। उनके इस पुण्य कार्य कदम पर क्षेत्रवासियों ने गर्व करने की बात कही है। इंस्टीट्यूट के प्रबंधक बाबा आत्म प्रकाश कोच्चर ( बाऊजी ) ने बताया कि  चंपा रानी बत्रा के देहांत होने के बाद इंस्टीट्यूट की टीम को सूचना दी। जिसके बाद मौके पर पहुंची संस्थान की टीम डॉ. अमृता एवं श्री मकरेंदु ने पार्थिव शरीर से कॉर्निया प्राप्त किये। बताया अब चंंपा रानी बत्रा की आंखों से दो जिंदगियां इस दुनिया के हसीन नजारे देखेंगी। बाबा आत्म प्रकाश कोच्चर ( बाऊजी ) ने लोगों से नेत्रदान कराने के लिए फिर से एक बार आगे आने की अपील की है, साथ ही एनईआई संस्थान, प्रशासन ने नेत्रदान महादान के लिए परिवार का धन्यवाद किया।





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