ऋषिकेश/समाचार भास्कर - पिछले 16 सालों से मातृत्व सुख के लिए तरस रही एक महिला को निर्मल आश्रम में कार्यरत डॉ. प्रियंका गोयल के इलाज से पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है।

  निर्मल आश्रम अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका गोयल ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि बिजनौर निवासी एक महिला पिछले 16 सालों से मातृत्व सुख के लिए तरस रही थी। उसने जगह-जगह अस्पतालों में जाकर अपना इलाज कराया। लेकिन गर्भधारण नहीं हुआ। आखिरकार वह अपना इलाज कराने मायाकुंड स्थित निर्मल अस्पताल पहुंचे। यहां समस्या सुनने के बाद संबंधित टेस्ट किए गए। जिसके बाद महिला का इलाज शुरू किया गया। करीब 2 महीने तक इलाज करने के बाद महिला गर्भवती हो गई। लगातार 9 महीने तक महिला को समय-समय पर अस्पताल बुलाकर चेकअप किया जाता रहा। अब महिला को पुत्री रत्न की प्राप्ति हुई है। बताया यदि किसी महिला को 1 साल तक प्लानिंग के बावजूद गर्भधारण नहीं होता है तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। समय रहते परामर्श मिलने पर मातृत्व सुख का प्राप्त आसानी से  हो सकता है। बताया गर्भ धारण नही होने के जिम्मेदार पति पत्नी दोनों हो सकते है। मौके पर मौजूद महिला ने पुत्री रत्न की प्राप्ति होने पर डॉ. प्रियंका गोयल और अस्पताल प्रबंधकों का आभार व्यक्त किया। बताया वह मातृत्व सुख की प्राप्ति कर सकेगी इस प्रकार की आशा उन्होंने छोड़ दी थी। लेकिन डॉ प्रियंका गोयल की मेहनत और इलाज से आज उन्हें यह सुख प्राप्त हुआ है। इसके लिए वह सभी का आभार प्रकट करती हैं।
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