ऋषिकेश/हरिद्वार/समाचार भास्कर - बच्चों को भिक्षावृत्ति की लत से बचाकर शिक्षा दिलाने में जुटी उत्तराखंड पुलिस का हरिद्वार में ऑपरेशन मुक्ति का दूसरा चरण समाप्त हो गया है। इस दौरान एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे।
 कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद डीजी लॉ एंड ऑर्डर अशोक कुमार ने कहा कि पुलिस लगातार सामाजिक क्षेत्र में भी अपनी अहम भूमिका निभा रही है। इसी कड़ी में ऑपरेशन मुक्ति चलाया गया। जिसके तहत देहरादून और हरिद्वार में भिक्षा नहीं शिक्षा का नारा दिया गया। अब तक पुलिस 270 बच्चों को चिन्हित कर स्कूल में एडमिशन दिला चुकी है। तीसरे चरण के तहत कुमाऊं मंडल के हल्द्वानी में यह अभियान चलाया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक बच्चों को शिक्षा मिल सके। मीडिया से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि दीक्षा एक अपराध है और भिक्षा देने वाला उस अपराध को बढ़ावा देता है। ऐसे में लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक होने की जरूरत है। बताया कि कुछ अभिभावक अपने बच्चों को भिक्षावृत्ति कराकर रोजगार का जरिया बना रहे हैं। उनके बच्चे स्कूल जा रहे हैं । इस बात की उन्हें खुशी नहीं है। निरीक्षण के दौरान टीम को कुछ इस प्रकार के मामला भी पता चला हैं। बताया यदि अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छुड़वा कर फिर से भिक्षावृत्ति में लगाते हैं तो उनके खिलाफ पुलिस कानूनी कार्रवाई करने से भी पीछे नहीं हटेगी। मौके पर अजय रौतेला पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल परीक्षेत्र,  जिला अधिकारी हरिद्वार दीपेंद्र कुमार      चौधरी, एसएससी सेंथिल अबुदई कृष्णराज एस,पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण नवनीत सिंह, सीओ सदर आयुष अग्रवाल, सीओ सिटी अभय कुमार सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अरविंद गौड़,  व्यापार मंडल हरिद्वार से सुनील गुलाटी, तन्मय वशिष्ठ, डॉ. विशाल गर्ग, अमित सैमयुल , नितिन पोखरियाल ,बाल संरक्षण समिति हरिद्वार, ऑपरेशन मुक्ति टीम के निरीक्षक मनोज मैनवाल, पीसी मठपाल,उपनिरीक्षक नंदकिशोर गवारी, उपनिरीक्षक पूनम प्रजापति व भवानी शंकर पंत आदि मौजूद रहे ।
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