ऋषिकेश/समाचार भास्कर - श्रीनगर गढ़वाल से 12 किलोमीटर दूर सिद्ध पीठ मंजूघोष महादेव मंदिर में लोक गायक कमल जोशी के द्वारा प्रस्तुत जागर का भव्य लोकार्पण किया गया। जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने शिरकत की।       
              आपको बता दें कि मंदिर में दीपावली के बाद दो दिवसीय मेला लगाया गया। जिसमें जागर के लोकार्पण का कार्यक्रम भी किया गया। लोकार्पण के अवसर पर मंदिर के अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद भट्ट और नायाब तहसीलदार गोपाल कृष्ण कोटनाला ने दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कुल देवता के जागर को सुनकर लोक गायक की तालियां बजाकर हौसला अफजाई की। मौके पर कमल जोशी ने बताया कि जागर के कुछ दृश्य भी फिल्माए गए हैं। जिसे जनवरी में रिलीज किया जाएगा। बताया कि मंजूघोष मंदिर के बारे में मान्यता है कि सतयुग में स्वर्ग से यहां पर परियां घूमने के लिए आती है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता पर मंत्रमुग्ध हो जाती हैं और उनमें से मंजुलिका नाम की एक परी खैर के पेड़ नीचे बने शिवलिंग को देख कर शिवजी की तपस्या करतीं हैं। कठोर तप के बाद शिवजी के विराटस्वरूप के दर्शन पाती है और तभी से इस शिवालय का नाम मंजुघोष महादेव पड़ता है। बताया कि मंजुलिका के तप के दौरान कालसुर नाम का एक दानव परी पर मोहित होकर उसका हरण करने भैंस के रूप में आता है। तभी भगवान शिव के आग्रह पर मां काली स्वयं प्रकट होकर मंजुलिका की रक्षा करतीं हैं। कालसुर का वध करती हैं। इसिलए उसी स्थान माँ काली का मंदिर भी स्थित है। मेले के दौरान आस पास के सभी गांवों के लोग अपने अपने गांवों से देवताओं के ध्वज व निसान हर्षोल्लास से मंदिर में लाते हैं। कांडा गांव से मां मंजू की डोली मंजुघोष मंदिर में आती है। लगभग एक माह यहीं प्रवास करती है। कहा जाता है कि इस दौरान जो भी मंजुघोष महादेव के दर्शन करता है। उसकी हर मनोकामना पृरी हो जाती है।
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