ऋषिकेश/समाचार भास्कर - परमार्थ निकेतन में स्वास्थ्य और अधिकारों के प्रति लोगों को जागरूक करने का लोगों ने संकल्प लिया। इस दौरान नशे को जीवन से दूर करने के लिए भी योजनाएं तैयार करने पर विचार विमर्श हुआ।
        शनिवार को परमार्थ निकेतन में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें स्वास्थ्य और अधिकारों के लिये समुदायों को संवेदनशील बनाने पर विचार विमर्श किया गया। लोगों ने नशे के कारण समुदाय में उत्पन्न होने वाली समस्याओं पर चिंता जाहिर की। इस समस्या से निपटने के लिये नीतियों का निर्धारण करने की बात कही गई। इस अवसर पर शिया धर्मगुरू मौलान कोकब मुज़तबा, डाॅ के मर्चेन्ट चाॅद कौशिल, परमजीत सिंह चंडोक, डाॅ ज्योतिंद्र दवे, साध्वी भगवती सरस्वती और विभिन्न धर्मो के धर्मगुरूओं ने सहभाग कर युवाओं को सम्बोधित किया। परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि तम्बाकू, शराब, धूम्रपान और अन्य मादक द्रव्य हमारे बच्चों को हमसे छीन रहा है। हमें एक नशा मुक्त भारत बनाना है। क्योंकि दुनिया भर में प्रतिवर्ष 70 लाख और भारत में 10 लाख मौतें धूम्रपान के कारण होती है। उन्होने कहा कि जीवन, ईश्वर प्रदत्त उपहार है। जीवन को जीने की कला सीखनी चाहिए।
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