ऋषिकेश/समाचार भास्कर - क्रिया योग आश्रम के स्वामी शंकारानंद गिरि बरसों से विदेशों में रहकर लोगों को क्रिया योग सिखा रहे हैं। इन दिनों स्वामी तपोवन स्थित क्रिया योग आश्रम में देसी और विदेशी लोगों को क्रिया योग की जानकारी देकर उन्हें जागरूक ही नहीं कर रहे बल्कि क्रिया योग को सिखाने की भरपूर कोशिश भी कर रहे हैं।
          समाचार भास्कर से एक विशेष मुलाकात के दौरान स्वामी शंकरानंद ने बताया कि क्रिया योग कुछ सीखने के बाद लोग सीधे ईश्वर से ध्यान लगा सकते हैं। यह वह योग है जिसे सीखने के लिए लोग उतावले रहते हैं। बताया कि क्रिया योग के अंदर सांस के माध्यम से ईश्वर के साथ योग जोड़ने का महत्व भी समझाया जाता है। सांस लेने के तरीके भी अलग-अलग होते हैं। किस सांस से कौन सा योग होना है जिस व्यक्ति ने इसे जान लिया उसके लिए क्रिया योग सबसे महत्वपूर्ण योग हो जाता है। खास बात यह है कि इस क्रिया योग को सीखने के बाद मनुष्य का शरीर निरोगी रहने लगता है। वहीं दूसरी ओर स्वामी जी से क्रिया योग सीखने वाले शिष्यों ने बताया कि योग सीखने के बाद उन्हें बहुत बेहतर अपना जीवन लगने लगा है। स्वामी शंकारानंद की वजह से आज वह सांस की हर कीमत को समझ रहे हैं और इससे होने वाले फायदे को भी समझते हैं। उन्होंने अन्य लोगों से भी क्रिया योग को सीखने की अपील की है।
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