ऋषिकेश/समाचार भास्कर - यमकेश्वर क्षेत्र में इको सेंसेटिव जोन के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन करने का कार्यक्रम किया। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं को पुतला दहन करने से रोक दिया। मौके पर कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। जिसके बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं के हाथों से पुतला छीन लिया। 


रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ता पूर्व विधायक शैलेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में राम झूला पुल के पास एकत्रित हो गए। उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। मौके पर जैसे ही कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार पर आवाज दबाने का आरोप लगाया। पुलिस के साथ नोकझोंक भी की। बमुश्किल पुलिस ने कार्यकर्ताओं के हाथों से मुख्यमंत्री का पुतला छीन लिया। शैलेंद्र रावत ने कहा कि इको सेंसेटिव जोन के मामले में सरकार गलत तरीके से कार्य कर रही है। यह एक काला कानून है। जिसे यम्केश्वर की जनता पर थोपा जा रहा है। आरोप लगाया कि लोकतंत्र के इस देश में सरकार उठने वाली आवाज को दबाने की कोशिश करने में लगी है। मौके पर विधानसभा उपाध्यक्ष युथ कांग्रेस अंकित गुप्ता, आदेश तोमर नगर अध्यक्ष,
पार्वती नेगी प्रदेश सचिव महिला कांग्रेस, चेतन चौहान, दुर्गेश शर्मा, विपिन बटवाल, त्रिभुवन उपाध्याय, मुरली शर्मा, अतुल पोरवाल, मनोज पोरवाल, किशन राजपूत, जयपाल कुमार, अमित झा, अतुल गोयल, सोनू राणा, अजीत चौधरी, संतोष चौधरी आदि उपस्थित रहे।

वहीं इस मामले में विधायक प्रतिनिधि गोपाल अग्रवाल ने कहा कि पहली बार ऐसा हुआ है कि कोई कानून लागू करने से पहले सरकार ने अधिकारियों को भेजकर जनता की राय जानने की कोशिश की। मगर लोगों ने उसका भी विरोध कर दिया। जिसके बाद अब कांग्रेस गलत तरीके से बयान बाजी कर रही है। मुख्यमंत्री का पुतला फूंकना भी औचित्य हीन है।
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