ऋषिकेश/स्वर्गाश्रम जोक/समाचार भास्कर - यमकेश्वर क्षेत्र में लागू किए जा रहे इको सेंसेटिव जोन का पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत और पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने विरोध किया है। 


         बुधवार को मुनी की रेती के एक होटल में इस मामले को लेकर पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें पूर्व विधायक शैलेंद्र रावत ने सरकार पर जमकर निशाने साधे। आरोप लगाया कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों की जानकारी होने के बावजूद सरकार राजाजी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत इको सेंसिटिव जोन लागू करवा रही है। इसमें सरकार की मौन सहमति है। कहा कि इको सेंसेटिव जोन लागू होने से क्षेत्र में मानव गतिविधियां प्रभावित होंगी। जिसकी वजह से पर्यटक क्षेत्र में नहीं पहुंच पाएगा और स्थानीय लोग बेरोजगार होने लगेंगे। नगर पंचायत अध्यक्ष माधव अग्रवाल ने कहा कि राजाजी राष्ट्रीय पार्क के सटे होने से पहले ही यहां कई नियम विकास कार्यों में बाधा बन रहे हैं। ऊपर से इको सेंसेटिव जोन लागू करके सरकार क्षेत्र के विकास का पहिया रोकने की कोशिश में लगी है। आरोप लगाया कि वन कानून के चलते आज तक बीन नदी का पुल और विंध्यवासिनी मंदिर की सड़क नहीं बन पाई है। यह केवल एक उदाहरण है। ऐसे कई मामले हैं जो नियमों के चलते प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि यह काला कानून है इसे लागू नहीं किया जाए। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो ग्रामीण सड़कों पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। मौके पर देवेंद्र राणा गीता राणा आदेश तोमर नरेंद्र बिष्ट बी एस पाल आदि उपस्थित रहे।

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