( फोटो- पीड़ित किशोर चंद  )
ऋषिकेश/समाचार भास्कर - कैलाश गेट स्थित कपूरवान क्लीनिक में काम करने वाले कर्मचारी को पीने के पानी में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाने के आरोप में पुलिस ने दूसरे कर्मचारी पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में जुट गई है।
    मुनी की रेती थाना पुलिस के अनुसार ढालवाला निवासी किशोर चंद ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि वह कैलाश गेट स्थित कपूरवान क्लिनिक में नौकरी करता है। पीने का पानी का घर से अपने साथ लाता है। आरोप लगाया कि क्लीनिक में ही काम करने वाले देवेश उनियाल ने पानी में नशीला पदार्थ मिलाया है। क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों में भी देवेश पानी में नशीला पदार्थ मिलाते हुए देखा गया है। पानी पीने के बाद से उसकी तबीयत खराब है और उसका इलाज एम्स में चल रहा है। इंस्पेक्टर आरके सकलानी ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने में जुट गई है। बताया पीड़ित का इलाज फिलहाल एम्स में चल रहा है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।


धारा 328 आईपीसी - अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा क्षति कारित करना।

विवरण

जो भी कोई किसी व्यक्ति को क्षति कारित करने या अपराध करने, या अपराध किए जाने को सुगम बनाने के आशय से, या यह सम्भाव्य जानते हुए कि वह तद्द्वारा क्षति कारित करेगा, कोई विष या जड़िमाकारी, नशा करने वाली या अस्वास्थ्यकर ओषधि या अन्य चीज उस व्यक्ति को देगा या उसके द्वारा लिया जाना कारित करेगा, तो उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से दण्डित किया जाएगा जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है से दण्डित किया जाएगा, और साथ ही वह आर्थिक दण्ड के लिए भी उत्तरदायी होगा।

लागू अपराध
अपराध करने के आशय से विष इत्यादि द्वारा क्षति कारित करना ।
सजा - दस वर्ष कारावास + आर्थिक दण्ड।
यह एक गैर-जमानती, संज्ञेय अपराध है और सत्र न्यायालय द्वारा विचारणीय है।
यह अपराध समझौता करने योग्य नहीं है।
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