ऋषिकेश/समाचार भास्कर - उत्तराखंड में एनजीटी के नियमों का पालन सख्ती से कराने के लिए वन विभाग के गेस्ट हाउस में एनजीटी के चेयरमैन और हाई कोर्ट के पूर्व रिटायर्ड जज यूसी ध्यानी ने टिहरी पौड़ी और देहरादून जिलों के डीएम के साथ बैठक की। नियमों का पालन सख्तई से किस प्रकार कराया जाए इस मुद्दे को लेकर गहन चर्चा की गई। 

      शनिवार को फॉरेस्ट विभाग के गेस्ट हाउस में आयोजित बैठक के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने एनजीटी के नियमों का पालन कराने के लिए गहन विचार-विमर्श किया। निर्णय लिया गया कि सर्वप्रथम जन जागरूकता फैलाकर नियमों का पालन कराने के प्रयास किए जाएंगे। जिसके बाद दूसरे स्तर पर अधिकारी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे। चेयरमैन ने बताया कि गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। यदि दोनों ही संपदा विलुप्त होने लगेगी तो इंसान का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। 


बैठक में शहरी विकास सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि सरकार ऋषिकेश को देश के टॉप 5 शहरों में रखना चाहती है। इसके लिए ऋषिकेश का विकास किया जाना बहुत जरूरी है। बताया योजना के तहत ऋषिकेश को डिवेलप करने की दिशा में विचार किए जा रहे हैं। इसके लिए एक प्रस्ताव बनाकर वर्ल्ड बैंक को भेजा गया है। यदि प्रस्ताव पर सहमति मिली तो ऋषिकेश की सड़कें ट्रैफिक व्यवस्था पीने का पानी सीवर लाइन और मूलभूत सुविधाओं को मेंटेन करने के लिए मास्टर प्लान लागू किया जाएगा। जिससे शहर में व्यवस्थाओं का स्तर नंबर वन पर हो। बैठक में डीएम टिहरी  वी. षणमुगम, डीएम देहरादून सी. रविशंकर, एसडीएम ऋषिकेश प्रेमलाल, एसडीएम नरेंद्रनगर युक्ता मिश्रा, एसडीएम यमकेश्वर श्याम सिंह राणा, स्वामी शांत आत्मा नंद दयानंद आश्रम, अरविन्द सिंह सचिव पेयजल, उदयराज सिंह अपर सचिव पेयजल, जीवन चंद्र जोशी सीएफ भागीरथी, मनोज चन्द्रम चीफ मानव संसाधन, भुवन चंद्र चीफ नमामी गंगे, राजीव धीमान डीएफओ देहरादून , एस डी ओ रंगनाथ पांडे, डी पी बलूनी,सर्वेश दुबे आदि उपस्थित रहे।

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