ऋषिकेश/समाचार भास्कर - 26 जून से 10 जुलाई तक चलने वाले अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर थानाध्यक्ष मुनिकीरेती  आरके सकलानी के निर्देशन में थाना अंतर्गत पढ़ने वाले सभी पर्यटक स्थल स्कूल कॉलेजों पार्कों तथा विभिन्न जगहों पर पुलिस स्कूली बच्चों पर्यटको नवयुवाओं को नशे के प्रति जागरूक कर रही है और नशे से होने वाले दुष्परिणामों के बारे में ही बता रही है ।

अभियान के अंतर्गत ट्रैफिक एसआई मुकेश कुमार मुनिकीरेती डबल स्टोरीज पार्किंग यात्रियों विक्रम चालकों और चौकी प्रभारी ढालवाला विनोद कुमार द्वारा सुमन पार्क में क्षेत्रवासियों को नशे से होने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई ।
चौकी प्रभारी ढालवाला विनोद कुमार ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए बताया कि नशा एक सामाजिक बुराई है और पारिवारिक विघटन का एक मुख्य कारण है । नशे के आदी होने के कारण व्यक्ति अपनी कमाई का आधे से ज्यादा भाग अपने नशे में खर्च कर देता है ।जिससे की परिवार के दायित्व की पूर्ति नहीं कर पाता है ।फिर  घर में लड़ाई झगड़े और क्लेश होते हैं ।  बच्चों पर बुरा असर पड़ता है इसलिए अपने बच्चों को नशे से दूर रखना बहुत जरूरी है ।
बचपन से ही बच्चों को अगर इस प्रकार की शिक्षा दी जाए जैसे झूठ बोलना पाप होता है उसी प्रकार नशा एक सामाजिक बुराई है इस बुराई से हमेशा दूर रहना है तू काफी हद तक हम अपने बच्चों को नशे से दूर रख सकते हैं ।
इसके अलावा विक्रम यूनियन के सहयोग से ट्रैफिक एसआई मुकेश कुमार ने मुनिकीरेती स्थित डबल स्टोरीज पार्किंग में विक्रम चालको, स्थानीय, पर्यटकों और राहगीरों को जागरूक करते हुए बताया कि स्मैक का नशा युवा पीढ़ी पर बहुत बुरी कदर हावी है । यह नशा बहुत तेजी से एक बच्चे से दूसरे बच्चे में एक श्रृंखला के माध्यम से सर्कुलेट होता है । सुरुआत में माता-पिता को पता ही नहीं चलता है कि उनका बच्चा स्मैक पी रहा है और जब पता लगता है तो उस समय तक बहुत देर हो जाती है । अंत में ऐसी स्टेज आती है कि सब कुछ जानते हुए भी माता-पिता अपने बच्चों को इस नशे से दूर नहीं कर पाते हैं। इसलिए जरूरी है कि माता पिता को अपने बच्चों पर प्रभावी दृष्टि रखनी चाहिए अपने बच्चों की संगति का ध्यान रखें , समय -समय पर उनका मोबाइल चेक करें और उनका डेली रूटीन चेक करें ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि पता चलने पर उनको आरंभ में ही रोका जा सके ।
पुलिस द्वारा जन जागरूकता अभियान  में यह भी बताया कि स्मैक का नशा जैनरेशन गैप को पैदा करता है स्मैक का नशा करने वाला युवक एक स्टेज पर आकर नपुंसक हो जाता है । जिससे जेनरेशन गैप की स्थिति उत्पन्न हो जाती है समय समय पर बच्चों को कैसे चेक किया जाए इसके बारे में लोगों को बहुत सारी टिप्स दिए गए । बताया कि  14 साल से लेकर 20 साल तक की युवा पीढ़ी स्मैक के नशे की चपेट में आती है । इस अवस्था में यदि बच्चों पर सतर्क दृष्टि रखी जाए तो इस सामाजिक बुराई से इन बच्चों को बचाया जा सकता है प्रथम दृष्टया माता की या जवाबदारी है कि वह अपने बच्चे पर पूरा ध्यान रखें । इस दौरान विक्रम मालिक एवं चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष फेरु जगवानी, गोविंद सिंह पयाल, द्वारिका प्रसाद, लोकपाल, ऋषिपाल कश्यप, आदि मौजूद रहे ।

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