ऋषिकेश/हरिद्वार/समाचार भास्कर - इस वर्ष गंगा दशहरा 12 जून दिन बुधवार को है। हिंदू धर्म में गंगा दशहरा को एक पर्व की तरह मनाया जाता है। गंगा दशहरा का दिन बहुत विशेष होता है इसलिए इस दिन स्नान करने का भी बहुत अधिक महत्व है। इस दिन ऋषिकेश तथा हरिद्वार मे दूर दराज के प्रदेशों 

से लाखों की तादात मे श्रद्धालुगण गांगा मे स्नान कर पुण्य अर्जित करते है।  

आमतौर पर हिंदू धर्म में गंगा दशहरा का बहुत ही अधिक महत्व है। इस दिन लोग पवित्र गंगा में स्नान करके मां गंगी की विधि विधान से पूजा करते हैं और सुख समृद्धि की कामना करते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुई थी, जिसके कारण इस दिन को गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है।
गंगा में स्नान करके पूजन अर्चन करने के बाद लोग अपने सामर्थ्य अनुसार गरीबों को दान देते हैं और मां गंगा की महिमा का बखान करते हैं। आइये जानते हैं गंगा दशहरा कब है, गंगा दशहरा के दिन स्नान एवं दान पुण्य करने का क्या महत्व है।
गंगा दशहरा पर स्नान का महत्व 
गंगा दशहरा का दिन बहुत विशेष होता है इसलिए इस दिन स्नान करने का भी बहुत अधिक महत्व है। माना जाता है कि गंगा दशहरा के दिन पवित्र गंगा में डुबकी लगाने मात्र से ही मनुष्य के सभी पाप धुल जाते हैं। इसके अलावा इस विशेष दिन रोगग्रस्त व्यक्ति के गंगा में स्न्नान करने से सभी तरह के रोगों से निजात मिल जाता है। गंगा दशहरा के दिन यदि आप किसी कारणवश गंगा नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो आपको पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। इससे आप तन एवं मन दोनों से निर्मल महसूस करेंगे। 
गंगा दशहरा के दिन दान का महत्व
गंगा दशहरा के दिन मां गंगा की विधि विधान से पूजा करने के बाद गरीबों एवं जरुरतमंदों को दान देना चाहिए। इस विशेष अवसर पर किया गया दान फलदायी होता है और आपकी धन संपत्ति में वृद्धि होती है और आपको किसी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है। इस दिन आप रुपये पैसे के अलावा अनाज, फल एवं खाने पीने की अन्य वस्तुएं एवं आभूषण गरीबों को दान कर सकते हैं। दान पुण्य करने से आपका मनुष्य जीवन साकार हो सकता है।

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